भाभी के साथ ...

वो पड़ोस में रहती थी और उनकी अभी-अभी शादी हुई थी. शादी बहुत लेट हुई थी. शायद, पढने में कई साल गवा दिए थे.
हम सब उनसे छोटे थे और उन्हें भाभी-भाभी कहके बुलाते थे. भाभी के साथ बात करना, भाभी के हाथ का बना खाना खाना, हम सभी को बहुत अच्छा लगता था. भाभी का प्यार पा कर हम सभी बहुत खुश थे. पर भाभी के मन में जैसे कुछ और ही चल रहा था.
भाभी की एक सहेली - निशा उनके घर अकसर आया करती थी. निशा , वैसे तो उम्र में भाभी से छोटी थी, पर भाभी से हर बात “शेयर” करती थी. मेरा निशा से बहुत साल तक "affair" चला और उस दोरान, हमारा कई बार शारीरिक सम्बन्ध भी हुआ.
लगता था कि निशा ने सब कुछ मेरी भाभी को बता दिया था. उन दिनो, शायद भैया के काम में मशरूफ होने की वजह से, भाभी खुश नहीं रहती थी. निशा से हमारी लव-स्टोरी जान के, भाभी मुझे बहुत चिढाया करती थी.
Anokha Sapna....

College ke dino mein, main Rashmi se bahut pyaar karta tha. Hamari mulakaat bhi kisi sapne se kam nahi thi. Ek common dost nein mujhe Rashmi se miliya tha. Mulakaat ka silsila chalta raha aur na-jane kab hame ek doosre se pyar ho gaya.
Rashmi, sapno se zada sundar, ek bahut hi haseen ladki thi. Chulbuli aur sab ka khayaal rakhne wali. Ham dono ek dusre se bahut zada pyar karte the. Maine Rashmi ko apne parivaar walo se bhi milaya aur meri umeed ke mutabik, Rashmi sabhi ko bahut pasand bhi aayi. Sabhi jante the ki ham jald hi shadi karenge. Rashmi ke saath shadi karne ke haseen sapne ko sakaar karna hi ab meri zindigi ka maksad ban gaya thi. Main Rashmi ko aachi zindagi dene ke liye, kaam mein doobta chala gaya.
Waqt guzarta gaya aur ham ek dusre ka saath dete rahe.
वो जवानी दिवानी ..

एक बार मेरा एक्सीडेंट हुआ, जिसमे मेरे सीधे पाँव की हड्डी टूट गयी! डॉक्टर के मुताबिक़ मुझे 4 हफ्तों का प्लास्टर चढ़ा, और मुझे अब घर पर ही रहना था! मैं अपना काम घर से ही करने लगा! मेरे कई दोस्त जो मेरे करीबी थे, यह सुनकर मुझे देखने घर भी आये! मैं अपना दिनभर घर में पड़ा कुछ ना कुछ सोचता ही रहता था!
एक दिन मेरी एक फ्रेंड का फ़ोन आया, और उसने मेरा हाल चाल पुछा! उसने मुझे करीब 3 मेरा साल बाद कांटेक्ट किया था! मेरे कहने पर कि, मेरे पाँव की हड्डी टूटी हुई है, और मैं घर पर ही हूँ, उसने मुझसे मिलने की इच्छा जताई! मैंने उस टाइम मना कर दिया, और सही वक़्त पर मिलने को कहा क्यूंकि, उस समय घर पर सभी लोग थे!
एक दिन घर वालो को किसी काम से बाहर जाना पढ़ा, और अब मैं घर पर सुबह से शाम तक अकेला था! मैंने अपनी फ्रेंड को फ़ोन किया, और कहा कि, अगर वो आ सकती है? उसने 2 घंटे का टाइम लिया, और 2 घंटे बाद वो, मेरे साथ मेरा घर में थी!